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तकनीक के जरिए हजारों किसानों की खेती आसान बना रहा फार्मकार्ट
प्रदेश के जिलों के 40 हजार किसानों को खेती के उत्पाद और सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवा रहा फार्मकार्ट
इंदौर,। देश के किसानों को आधुनिक तकनीक के जरिए खेती के श्रेष्ठ उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बडवानी के युवा उद्यमी श्री अतुल पाटीदार ने तकनीक आधारित एक स्टार्टअप फार्मकार्ट की शुरुआत की है। ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए किसानों को सात सौ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्पाद देने के साथ ही ये स्टार्टअप उन्हें खेती संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध करवाता है।
लॉकडाउन में जहां एक ओर देश में सारी गतिविधियां रुकी हुई थीं वहीं फार्मकार्ट ने इस अवधि में भी मध्यप्रदेश के 350 से ज्यादा स्थानों पर किसानों को 6 हजार एग्री पैकेज डिलीवर किए जिसमें कपास और सब्जियों के बीज भी थे। कंपनी आने वाले साल में एक लाख स्थानों में डिलीवरी करने में सक्षम होगी।
फार्मकार्ट के संस्थापक और सीईओ अतुल पाटीदार बताते हैं, “हमारा मकसद ज्यादा से ज्यादा किसानों को बगैर किसी असुविधा के बेहतर उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध करवाना है। किसान तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफार्म से दूर रहते हैं लेकिन हम इसी का समाधान कर रहे हैं। हमारे ई-कॉमर्स प्लेटफार्म की मदद से प्रदेश की 750 लोकेशन्स पर करीब 40 हजार किसान हमसे एग्री इनपुट्स ले सकते हैं।
इन एग्री इनपुट्स में यारा, बीएएसएफ और रिचफील्ड जैसे राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर की नामी कंपनियों के बीज, फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड शामिल हैं। हम अभी सात सौ से अधिक उत्पाद किसानों को मुहैया करवा रहे हैं। जल्द ही इनकी संख्या 5 हजार होगी।”
ये प्लेटफार्म शुरू करने से पहले फार्मकार्ट की टीम ने प्रदेश के 6 हजार किसानों पर सर्वे किया था। इसमें पाया कि किसान तकनीकी जानकारी के अभाव में ऑनलाइन चीजें खरीदने और पेमेंट करने में हिचकिचाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए फार्मकार्ट ने किसान के लिए एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड यानि यूआईसी तैयार किया।
नौ अंकों के इस कोड के माध्यम से किसान आसानी से खरीदारी कर सकते हैं क्योंकि ये कोड उत्पाद खरीदने की आदत, खेत की मिट्टी के प्रकार सहित अन्य जानकारियों के आधार पर खरीदारी में उनकी मदद करता है।
पाटीदार के अनुसार यूआईसी से किसान हमारी वेबसाइट www.farmkart.com के जरिए आसानी से खरीदारी कर सकते हैं क्योंकि उन्हें पता, डिलीवरी टाइम या किसी अन्य प्राथमिकता की जानकारी नहीं देनी होती है। साथ ही, यह ऑनलाइन भुगतान को भी आसान बनता है।
फार्मकार्ट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वो दूर-दराज के गावों में भी किसानों तक सामान पहुंचाने में सक्षम है। पिपज, देवगढ़, सेजवानी, रेहगुन, नागुर सहित कई ऐसी जगहें हैं जो कई बड़ी कंपनियों के डिलीवरी नक्शे पर नजर नहीं आती हैं।
कंपनी ने हाल ही में बड़वानी में फार्मकार्ट सुपरस्टोर भी खोला है। ये स्टोर किसानों को खुद दुकान से खरीदने के साथ डिजीटल का अनुभव भी देगा क्योंकि यहां रखे उत्पदों को खरीदने के लिए मोबाइल या टेबलेट के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करना होता है। वे यूआईसी के जरिए पेमेंट करने बाद काउंटर से उत्पाद ले सकते हैं या होम डिलीवरी भी चुन सकते हैं।
अतुल पाटीदार के अनुसार 2021 में कंपनी ने एक लाख स्थानों तक डिलीवर करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान सुविधाओं के अलावा कंपनी किसानों के लिए रेंट4फार्म और एग्री निदान जैसे सेवाएं भी लेकर आ रही हैं।


